Wednesday, December 23, 2020

MODI, AMBANI AUR ADANI.

मोदी,अम्बानी और अडानी।

2014 में,यह कंडीशन लगा कर कि वह बीजेपी को मन चाहा, इलेक्शन के लिए फण्ड नहीं देंगे ,अगर मोदी को पी एम् नहीं बनाया। 

इस तरह बीजेपी पर दबाव डाल कर भारत में, अम्बानी और अडानी कैपिटलिस्टों और  पूंजीपतियों का राज है आया। 

मोदी तो इन पूंजीपतियों और सरमाएदारों का खरीदा हुआ नौकर पी एम् है न कि भारत की जनता की डेमोक्रेसी से चुना हुआ,

भारत में डेमोक्रेसी तो उसी दिन से  ख़तम हो गई थी, जब से ई वी एम् से चोन करने का सिस्टम है आया।  

इसी लिए यह पी एम् मोदी, अम्बानी और अडानी की मर्जी के बाहर जा ही नहीं सकता ,

भारत का चाहे कितना भी नुक्सान कियूं ना हो जाए, पर मोदी एक कदम भी इनके पूछे बगैर कहीं जा नहीं सकता।  

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