खालिस्तान या हिदुत्व का आतंकसतान।
खालिस [पियुर],खालसा और खालिस्तान [पियुर प्लेस]।
जिस में बसेगा एक शुद्ध,शांत और आनंदित इंसान।
ना कोई धरम का लफड़ा,ना कोई जात पात , उंच नीच की पहचान ,
जिस में सभ ही सिर्फ इंसान होंगे,गियानी ,मेहनती,खुश और जवान ।
सभी यूनिवर्सल [कॉस्मिक] रियलिटी को साइंस के लॉज़ से जानेंगे,
अन्धविश्वाशों के धन्दों का नाश होगा ,सभी कुदरत की शक्तियों की खुशियों को मनाएंगे।
खालिस्तान या हिदुत्व का आतंकसतान।
खालिस [पियुर],खालसा और खालिस्तान [पियुर प्लेस]।
जिस में बसेगा एक शुद्ध,शांत और आनंदित इंसान।
ना कोई धरम का लफड़ा,ना कोई जात पात , उंच नीच की पहचान ,
जिस में सभ ही सिर्फ इंसान होंगे,गियानी ,मेहनती,खुश और जवान ।
सभी यूनिवर्सल [कॉस्मिक] रियलिटी को साइंस के लॉज़ से जानेंगे,
अन्धविश्वाशों के धन्दों का नाश होगा ,सभी कुदरत की शक्तियों की खुशियों को मनाएंगे।
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