Monday, December 28, 2020

EVM.

 ई वी एम। 

जब २० लाख ई वी एम् हों पास,

तो जनता की वोट का फ़िक्र ही किया ?

जब इलेक्शन की जीत की चाबी हो हाथ में,

तो फिर डेमोक्रेसी से लड़ कर जीतने का फ़िक्र ही किया ?

जब झुकने का कोई कारन ही ना हो और हंकार हो आस्मां पर,

तो इन किसानों और मजदूरों के आंदोलनों का डर ही किया ?

हम तो बादशाह हैं जोरो जुलम के,हमें इंसानियत से मतलब ही किया,

डेमोक्रेसी और संविधान मानने  वाले कोई और होंगे, हम तो आरएसएस और बीजेपी हैं, हमें इनसे वास्ता ही किया ? 

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