हमारी अमूलय दौलत।
हमारी अमूलय जीवन की दौलत छुपी है कुदरत की गोद में,
नहीं है किसी की धन और दौलत में या किसी के रुतबे के हंकार में।
यह छुपी है मेरी माँ धरती में,इसके अमृत जैसे पानी में,इसकी ऑक्सीजन और नाइट्रोजन के स्वास में और भगवान् सूर्य की शक्ति में।
सभी किस्म के रंगों में,इंसानियत के प्रेम के विचारों की तरंगों में और नानक के जीवन के फलसफे में।
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