Monday, December 21, 2020

JANTA AUR JULMI PARSHASHAN.

 जनता और जुल्मी पर्शाशन। 

ओ ई वी एम् को टेम्पर करके सत्ता पर छा जाने वाते जालिम,

अब तेरा जुलम जनता भगवान् के रेवोलुशन के आगे ना चल सकेगा। 

अब तेरे जुलम के षड यंत्र कोई काम ना आएँगे,गुर्दवारे जाना  या हिंदुत्व की पूजाएं करना ,या भगवानधारी संतों के पैर पकड़ना  , 

ना ही राम के नाम के ईटों पथरों के मंदिर बनवाना ,पर काम आएगा सिर्फ,इंसान के जीते मदिरों की सेवा करना और इनको खुश रखना। 

तेरी जुलम करने की ट्रेनिंग तुझे मोहन भागवत के नागपुर के आतंकवादी स्कूल से मिली है,इसको छोड़ कर जनता की शरण में आना ही तेरी भूल और मूर्खता का हल है। 

नहीं तो कितने भी मंदिर बनाले,हिंदुत्व को धियाले,तरह तरह के ढोंग रचाले,पर जब तक तू अपना गन्दा मन नहीं बदलेगा, कोई हल नहीं है।   

तेरे षड यंत्रों की अब इंतहा हो गई है,तेरा गुरद्वारे जाना भी तेरे गंदे मन का षड यंतर हो गया है,

तेरी मर्ज का इलाज है सिर्फ जनता भगवान् के आगे झुक जाना और अपने हंकार को तियाग देना ,


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