इंक़लाब और अंध विश्वाशी धरम।
इंक़लाब हमेशा सच की झूठ,फरेब और जुलम के विरुद्ध लड़ाई है जिसको अंध विश्वाशी मनुष्य नहीं कामयाब कर सकता सिर्फ एक विज्ञानी दृष्टि का मनुष्य ही कामयाब कर सकता है ,कियुँकि एक अंधविश्वाशी आदमी अपनी खुद की म्हणत की शक्ति को निकार कर , किसी काल्पनिक भगवान् को ही अपनी सभी कामयाबियों के लिए जुम्मेवार समझता है,जब कि भगवन यानि कुदरत ने तो सभ अपनी शक्तियां मनुष्य को दे राखी हैं, उनको समझने की जरूरत है और एक निडर,शुद्ध,शांत,बुद्धिमान,सहायक, सेवादार, विद्वान् साइंटिफिक इंसान बनने की जरूरत है।
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