हम तुम ना होंगे।
ऐ मोदी जी,ऐ शाह जी,यह सूर्य,चाँद सितारे ऐसे ही चमकते रहेंगे,
पर भोजन की जलती हुई इस लो के, यह माटी के दिए नहीं होंगे।
ऐ हज़ारों इंसानों के नरसंहार करने वाले मनुष्य चोले में पशु,
तेरे झूठे किसे बनाए हुए, इस दुनिया से, सभ मिट जाएंगे,तितर बितर हो जाएंगे।
ना यहाँ सदा से कोई रहा है ना रहेगा ,यह जीवन तू इंसानियत की सेवा में गुजार ले,
तेरा किया हुआ ही तेरे लिए शांति और प्रेम बन जाएगा,इस जीवन को तू जीना जान ले और समझ ले।
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