वाह री कुदरत तेरा सिस्टम ।
वाह री कुदरत तेरे सिस्टम का कोई अंत ना पाया,
धरती माता से पानी पिता का योग करा कर, इसे हरा भरा बनाया और जीवों के लिए भोजन बनाया ।
जीवों में हवा का संचार करके इन्हें जीवंत बनाया ,
सूर्य की रौशनी से आँखों की ज्योति से, सभी विश्व दिखाया।
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