Sunday, November 15, 2020

MODI JI KI PSYCHOLOGY.

 मोदी जी की साइकोलोजी। 

जो न अपने कर्मों से कभी बन सका  इतना हसीन,

वह कभी सोने की तारों से अपने नाम का बना हुआ,दस लाख का, सूट पहनता है ,

कभी महंगे महंगे आर्टिस्टों से अपने बालों को और दाढ़ी को बनवाता है। 

जिसने कभी साइंस का कोई लेसन न पढ़ा हो,

वह शक़श इधर उधर के रद्दी के टोटकों से अपना दिल बहलाता है। 

जिसका कोई महान, पढ़ा लिखा  पुरष, दोस्त न बना हो,

वह ओबामा जैसे भले, ईमानदार, माहान पुरषों को अपना दोस्त बताता है। 

जिसने कभी जिंदगी में इंसानियत की कदर न की हो,जिसने हज़ारों इंसानों का खून किया हो ,

वह ईटों और पथरों के मंदिरों की ख़ाक छान कर,रुद्राक्षों की मालाएं पहन कर धर्मात्मा कहलवाने का नाटक करता है 



 

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