Wednesday, November 18, 2020

JEEVAN DRISHTI.

जीवन दृष्टि । 

जीवन है स्पेस में रह रही निरंतर सारी बायो-आर्गेनिक प्रकृति के केमिस्ट्री  और फिजिक्स -[हीट,साउंड एंड लाइट] के ततुओं का खेल,

इनको किसी भी नाम से पुकारो, चाहे धार्मिक या साइंटिफिक चश्मे से निहारो,किया फरक पड़ता है ? है तो सभ विचर रही कुदरत का ही खेल।

प्रकृति ही जीवन बन कर,शरीर के अंदर जाती है प्रकृति ही मौत बन कर शरीर से बाहर जाती है, सभ खेल है प्रकृति के ततुओं और  स्वासों का, जो हमारी अकल को भरमाते  है।  

  


 

       


   


    

 

 


 














 

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