एक्सिस्टेंस की बांसुरी।
मैं एक्सिस्टेंस की बांसुरी हूँ,
मेरा नाक बांसुरी का सवर दवार है।
यह बांसुरी हमेशा [२४ घंटे] ूँ के सवर गाती है,
मस्त रहता हूँ इस की धुन में,ऐसे ही दिन रात गुजर जाती है।
कहने को भी कुछ जियादा नहीं है ,
जो मन में आता है लिख देता हूँ,
कोई समझे या न समझे इस की भी फ़िक्र नहीं होती है।
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