बेजान मूर्तियां और इंसानियत।
जो लोग बेजान पथरों की मूर्तियों के पाठ और पूजाएं करते रहते हैं,जैसे मनुवाद और ब्राह्मणवाद के बनाए हुए मूरख आरएसएस और हिन्दू लोग, वह जब जिन्दा इंसानों की मूर्तियों को ही नहीं जानेंगे और उनकी मुश्किलों और दुखों को पहचानेंगे,तो भगवान् और कुदरत को कैसे जानेंगे और पहचानेंगे ? सभ ब्राह्मणों का बनाया हुआ बेईमानी से धन,शुह्रत और सत्ता पाने के लिए, गोरख धंदा है और निरोल आडम्बर है,जैसे आरएसएस और मोदी की ६ साला बीजेपी सरकार के बुरी तरह से फेल हो जाने के तजुर्बे से अब जग जाहिर और सिद्ध हो ही गया है।
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