हमारी जीवन सुधारक सोच।
किसानों की तरह तीन किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ सरकार के अड़ियल रवैये के विरोध में लड़ना तो वाजिब है,लेकिन अगर हम अपने पूर्ण जीवन की मुश्कलातों पर नज़र डालें तो हमारी मौजूदा सरकार का नजरिया बिलकुल जनता के जीवन विरोधी है,वह तो अपने एक ही हिदुत्व,ब्राह्मणवादी और मनुवादी अजेंडे को लागू करने के लिए ही अपनी सारी शक्ति का इस्तमाल कर रही है ,आम लोगों की गरीबी,दुखी,अनपढ़,पछड़ी और बीमार जनता की जिंदगी का रुतबा ऊंचा करने के लिए कोई पराला नहीं है। हमें फ़ौरन ऐसी पॉपुलर सरकार चुनने की जरूरत है जो आम जनता के जीवन को धरम और जाती से ऊपर उठ कर अपने दिल से और म्हणत से उनके जीवन का इलम,सेहत,कारोबार और धन के द्वारा दुसरे डेवलप्ड और आगे तरकी कर रहे देशों की तरह साइंटिफिक सुधार कर सके।
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