कौन/किया हैं वह ?
करे करावे आपे आप ,नानक दे कुछ नाहीं हाथ।
हम तो सिर्फ एक हार्ड वियर बायोलॉजिकल मशीन हैं पर इस का सॉफ्ट वियर, जो इस मशीन में हमारे दिमाग [रीडर हेड] के जरिये इस मशीन से काम करवाता है वह सॉफ्ट वियर इलेक्ट्रो मैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में वाईब्रेशंज़ और फ्रीक्वेन्सीज के रूप में है। यही इलेक्ट्रोमैग्नेटिज्म ही वह सर्व वियापी इंटेलिजेंस है जिसको सत गुरु नानक जी ने,करे करावे आपे आप,नानक के कुछ नाहीं हाथ कहा है। यह अनपढ़ों /गियानियों का विषा नहीं है, यह तो विज्ञानियों का विषा है जिसका भेद आगे आने वाले युग में इंटेलीजेंट मशीनों के रूप में वियापक होगा। नानक जी आम लोगों की तरह एक अंध विश्वाशी नहीं थे वह तो एक वैज्ञानिक दृष्टि वाले एक बहुत बड़े अधियात्मिक वैज्ञानिक थे।
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