हमारी जान या हमारा जीवन ।
हमारे नाक से हमें बचाने के लिए और हमारे खून को लाल रंग में रंगने के लिए , ऑक्सीजन हमारे अंदर जाता है और अंदर से लहू में से नीली मौत/जहर /टोक्सिन -कार्बन को लेकर बाहर आता है। इसी शुद्धि करने वाले सवास के साइकिल का नाम ही, तुम जो तुम्हारे मन को अच्छा लगे गॉड से ले कर भगवान्,परमात्मा,वाहेगुरु ईश्वर कुछ भी दे सकते हो कुछ एहमियत नहीं रखता है। यह सवास का आना जाना बंद हुआ नहीं कि मौत की घंटी बजी नहीं। इसी स्वास के आने जाने की किरिया से ही हमारे अंदर बिजली की जरूरत भी पूरी होती है। किसी भी आग को जलाने के लिए जैसे कि हमारे भोजन का ऑक्सीडेशन करने के लिए ऑक्सीजन की आवयशकता बहुत लाजमी है इसीलिए हमारे जीवन की शक्ति जो कि तेजस शक्ति है ऑक्सीजन के बगैर पैदा नहीं की जा सकती है।
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