धर्मों के लफड़े और विज्ञान से अंधे लोग।
भगवान्, ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरुऔर गॉड,हम सभी जीवन धारियों में जान [लाइफ] बन कर रह रहा है। किसी भी जिन्दा प्राणी को किसी भी दरिंदे दवारा मारना चाहे वह उसकी किसी भी धारणा या अंध विश्वाश को मानने वाला हो उस में रह रहे भगवान्,,ईश्वर,अल्लाह,वाहेगुरु और गॉड की ही हतिया है,जिस को कि वह राम,कृष्ण,nanak या दशमेश पिता कह रहा है । जिस को इतना भी गियान नहीं है वह गियान से अँधा है, तो फिर वह अँधा , इससे भी ऊपर के विज्ञान को किया जानेगा ? सारे धरम, बगैर खोज के,अंध विश्वाश से मानने वाले ना समझ और अंधे हैं जो दुनिया को बगैर जाने, गलत रास्ते पर ले जा रहे हैं ,स्पिरिचुअल विज्ञान की खोज ही सिर्फ सही और सच्चा रास्ता है।
No comments:
Post a Comment