ब्रह्म [ब्रेन] और ब्राह्मण का षड यंतर।
यह लिंग और पुलिंग को मिला कर काम का सर्जन,
और क्रोध,लोभ,मोह,अहंकार के भूतों का आगमन।
यह पृथ्वी पर आग और पानी का खेल ,
ऊपर से अट्मॉस्फेर और ब्रह्म का मेल।
किया यह ब्रह्म [ब्रेन] और ब्राह्मण का षड यंतर तो नहीं,
हमारे सुखी जीवन को नष्ट करने का बहुत बड़ा प्लान तो नहीं।
आओ इस धरती माता जीवन की दाता को नट मस्तक होवें,
अपने सारे दुःख इस में एअर्थ करके सुखी होवें और चैन से जीवें और सोवें ।
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