धरम और जाती एक अभिशाप।
धरम और जाती इंसान के भटके हुए और शातिर दिमाग की उपज हैं ,इस में किसी भगवान्,परमात्मा,अल्लाह,वाहेगुरु या जीसस क्राइस्ट का लेना देना नहीं है जो कि विज्ञान के मुताबिक, ऐसा कहीं है ही नही है। यह सभ उसके सड़े हुए मन की कल्पनाएं हैं । यह इंसान की अनगनित इच्छाएं पूरी करने के लिए उसके सड़े हुए मन की ईजाद हैं। दुनिया में सभी झगडे,परेशानियां और अशान्तियाँ सिर्फ उसके अंदर पनप रहे सड़े हुए मन की ईजाद हैं जो कि इसको शुद्ध करने के लिए तैयार नहीं है और इस की साइंटिफिक समझ नहीं है।
No comments:
Post a Comment