साइंस और धरम।
हम गर्मियों में गरम हवा के थपेड़े सहते थे,
और सदियों में ठंडी हवा के झोंकों की ठिठरन।
हम किसी से बात करने के लिए हफ़्तों महीनों का इन्तजार करते थे,
किसी जगह जाने के लिए पैदल ही सफर करते थे।
हम कोई पिक्चर /फिल्म देखने के लिए सिनेमा घरों की लाइनों में लग कर धक्के खाते थे,
हम किसी इनफार्मेशन को ढूंढ़ने के लिए किताबों के ढेर फ्रोला करते थे।
आज साइंस ने हमें कूलर,ऐ सी,हीटेरज,वैक्यूम क्लेअनेर्ज़ ,माइक्रो ओवन,डिश क्लीनर,वाशिंग मशीनें,वाटर सप्लाई,कुकिंग गैस सप्लाई मोबाइल,ऑटोमोबाइल,टीवी, कंप्यूटर,इंटरनेट से लैस करके हमारे जीवन को पंख लगा कर हमारा जीवन कितना सुखाला,सुख भरा और आनंदमई बना दिया है ? लेकिन धरम ने,ख़ास करके हिदुत्वा ने हमें नफरत की आग में झोंकने से और दंगे,फसाद करवाने के और बे कसूर लोगों की जान लेने के और देश को कमजोर और लूट कर गरीब बनाने के,करप्शन,महंगाई और बेरोजगारी पैदा करने के सिवा किया दिया है। यह हमें सोचने के लिए मजबूर कर दिया है और इस सभ से नक्कमी सरकार को तत्क्षण बदलने के लिए, इंक़लाब लाने के लिए एक जुट कर हौसला दे दिया है।
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