परमात्मा किया है ?
कुस लोग कितनी मूर्खता की बातें करते हैं ? पूछते हैं क़ि परमात्मा किया है ? सुना है उसके बगैर तो पत्ता भी नहीं हिल सकता । किया परमात्मा कोई वियक्ति है ? ओ भोले भाई परमात्मा किसी बाबा की दांत कथा में नहीं है। तुम खुद ही कह रहे हो की सुना है कि उस के बगैर तो पता भी नहीं हिल सकता। किया तुम ऑब्ज़र्व नहीं कर सकते,तुम्हारी आँखें नहीं हैं ? कि कुदरत में हिलते हुए पते को देख सको,किस तत्व की वजह से हिल रहा है ?किया यह वही तत्व नहीं है जिस कि वजह से हमारा स्वास /प्राण चल रहा है ? जरा अपने नाक और मुँह को हाथ से बंद कर के ऑब्सेर्वे करो किया होता है परमात्मा को बहुत सरलता से जान जाओगे। बाबाओं के वकतावियों में परमात्मा नहीं है ये तो उनका धंदा है तुम जैसे मूर्खों को उलझा कर पैसे कमाने का।
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