चंदा और सूर्य को निहारना।
चंदा को निहारो या सूर्य को निहारो,और या सितारों को निहारो,
यह अपनी अपनी समझ है ,सभी इसी असिस्तव के हीरे जेवरात ही तो हैं।
चंदा और सितारे भी तो अपनी रौशनी, सूर्य से ही ले कर बाँट रहे हैं,
तो हम रौशनी के स्रोत को ही कियूं न निहारें अगर यह दुःख दायक ना हो।
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