ओशो मिशन।
ओशो आया,ओशो आया, दुनिया में एक नया धरम चलाया,
रूहड़ीवादी धरम सारे कर रहे थे झूठ और पाखंडों का बेओपार।
करम काण्ड सभी करने में लगे थे,नहीं था मन बदलने का कोई इंतजाम,
मनुष्यता को दुखों और उदासियों ने घेर लिया था,नहीं था कोई खुशियों का इंतजाम
ओशो ने एक नाचता गाता और पुराणी परम्पराओं को तोड़ता एक प्रयोगों से भरा धरम चलाया,
इस सड़े गले वातावरण में कुछ तो रौनक आई,विचारों में तब्दीली आई ,एक नया दौर आया।
यह उन लोगों का धरम था जिन के पास पैसे भी थे और टाइम भी था ,
लेकिन जरूरत है आम लोगों की जिंदगी को रोशन करना और एक शांत मई,ख़ुशी नुमां जीवन सिर्जना,
इस की शुरुआत हो गई है और सच को महत्तता देने वाले जीवन के लिए सभ झूठ और फरेबों से परे, जीवन के निर्माण की कोशिश करना।
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