Saturday, January 22, 2022

PRAKRITI AUR HAM.

प्रकृति और हम। 

प्रकृति को जितना तुम हिलाओगे,तांडव मचाओगे प्रकृति भी उतना ही तुम्हें डिस्टर्ब करेगी। यह प्रकृति का साइंटिफिक एक्शन और उसके बराबर और विरोधी रिएक्शन का सिद्धांत है। ओशो के कई मेडिटेशंज में पहले तो उछाल उछाल कर अशांति पैदा करते  हैं और फिर पैदा की हुई अशांति को आराम में बैठ कर, रिलैक्स करके, शांति में परिवर्तित करवाते हैं। है न यह एक्सप्लॉइट करने का एक बड़ा षड यंत्र। आज कल की सभी भयंकर बीमारियों का जियादा कारन वातावरा को डिस्टर्ब करना है, इस को शांत होने ही नहीं देते,जैसे दौड़ धुप, ऑटोमोबिलेज ,हवाईजहाज, मिसाइलज  और स्पेस शिप्स वगैरा आदि।   




    

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