हिन्दू चला पकिस्तान की राह पर।
हिन्दुओं को यह कमी महसूस हो रही है की जब पकिस्तान अपने आप को मुस्लिम राष्ट्र कहता है तो हम भी अपने आप को हिन्दू राष्ट्र कियूं ना कहें ? यह भी उसी हालात में जाना चाहते हैं जिस हालात में आज पकिस्तान है। इन को एजुकेशन, रोजगार, इकोनॉमिक्स और साइंस में तरकी नहीं चाहिए इनको सिर्फ अपने आप को हिन्दू कहलवा कर ही खुश होना है। कैसी दरिदर विवस्था की कल्पना है,इनको सूंदर विवस्था पसंद नहीं है, जो विवस्था इनकी १०० साल पहले थी वह ही विवस्था इन को पसंद है।
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