भारत।
भारत दुनिया का ऐसा अंध विश्वाशी देश है ,जिस के ब्राह्मण धरम जिसको वह लोग अब हिन्दू से हिंदुत्व बोलने लगे हैं, ने भारत को हज़ारों सालों से अपने दुष्ट प्रचार से, अंध विश्वाशों की ऐसी अंधेर खाई में फेंक रखा है,जिस से निकलने के लिए अभी भी एक अच्छी,वैज्ञानिक और प्रगतिशील सरकार आने के बावजूद भी बहुत समां लग जाएगा। इस आरएसएस और बीजेपी की सरकार को देखो,इस के अनपढ़ प्रधान मंत्री अपने माथे पर हल्दी का लेप लपेटे हुए मंदिरों के ही दर्शन करते नजर आते है। उनको अपने देश की जनता की घोर महंगाई, गरीबी,बेरोजगारी, एजुकेशन,जमीन में धवस्त होती इकॉनमी,बीमारियों से ग्रेहसत जिनगियों की कोई भी फ़िक्र नहीं है। सरकार का सोचने का तरीका वैज्ञानिक ना हो कर अंधे हिंदुत्व धरम के अंध विश्वाशों,समाज के धर्मों को लड़ा कर और हिटलर शाही पर निर्भर करता है।
जिस देश के रखवाले वैज्ञानिक सरकार ना हो कर शिव जैसे अघोरी,नागे साधू,सिर्फ कथा और अंध विश्वाशों का प्रचार करते ढोंगी संत और मंदिरों में पूजा पाठ करवाते बेकार ब्राह्मण,ब्रह्मा,विष्णु और महेश जैसी अवैज्ञानिक शक्तियां कर रही हों उस का तो फिर ऐसा ही हाल होता है।
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