पवन गुरु,पानी पिता ,माता धरती महत----नानक ।
जीवन के लिए हर वास्तु, हमें माहान धरती माता के गर्भ से ही मिलता है। मां धरती भी हमारे जीवन के लिए हर वास्तु हमें तब दे पाती है जब वकत अनुसार बारिश दवारा पिता मातर पानी बरसता रहे, और गुरु के मातर पवन [हवा] हमें हर तरह का गियान देती रहे,सवास और प्राण देती रहे ,और इस पर सवार सूर्य की रौशनी रास्ता और यह दुनिया देखने की दृष्टि देती रहे और एलेक्ट्रोमग्नेटिस्म हमें हर तरह की शक्ति प्रदान करती रहे । इस से बड़ा और सच्चा वक्तव्य सत गुरु नानक जी के बगैर, साइंस आने से पहले, कोई भी जीवन का अधियात्मिक साइंस का रेसेअर्चेर नहीं दे पाया।
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