भगवान् जीवन का फलसफा।
जीवन है देन माँ और बाप की,इसको भगवान पर मत थोपिए ,
जीवन का फलसफा समझना है तो पेड़ से सीखिए ।
जड़ को जमीन में उतारोगे तो जीवन आएगा,
जड़ को जमीन से उखाड़ोगे तो जीवन चला जाएगा।
धरती और आकाश के बीच में ही सभ भगवान् जीवन की रचना है ,
इस से प्रेम करो और जितना मर्जी पाओ जिसको बचना है।
पेड़ में जब तक हरयाली है,जीवन है सभ कुछ की खुशहाली है,
जैसे ही हरयाली गई,उसके साथ ही वह सभ कुछ भी चली गई है।
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