धर्मों के अंध विश्वाश।
इंसान को पागल बना रखा है इन धर्मों की पुस्तिकों ने और प्रचारकों के अंध विश्वाशों ने,कहीं कोई भगवान् नहीं है ,
ना कोई ब्रह्मा,विष्णु और महेश है,ना ही कोई देवी,देवता और अंजेलज हैं,न ही कोई भूत प्रेत हैं।
यह सभ इन को मानने वालों के मन के वेहम और भर्मित करने वाली कल्पनाएं हैं जो वास्तविक में नहीं हैं ,
है तो सिर्फ यह स्पेस में, मैग्नेटिक धरती और इसके अंदर की आग,बाहर का पानी,हवा [गैस],बादल,सूर्य, ब्रह्म और इसकी रेडिएशन ।
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