Tuesday, October 25, 2022

MATI,PANI,VAYU HI GURU PAR SURYA.

 माटी, पानी और वायु ही गुरु पर सूर्य। 

बिन पानी और वायु के जीना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन है इस माटी के जीवन को, 

तभी तो नानक जैसे गियानी [साइंटिस्ट] ने कहा है धरती माता [मैटर,माटी ],पानी पिता और पवन [वायु] ही गुरु है।

हम माटी पानी और हवा के बने पुतले [औजार] ही तो हैं,मगर ,  

रौशनी, गर्मी और बिजली[शक्ति] का सिरताज तो सूर्य ही है ,जो सभ को दृष्टि देता है,अकल देता है ,और सभ गुणों का सागर है।  

[मिटी  धुंद जग चानण होया नानक [सूर्य सामान ] परगटिया]


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