Saturday, January 1, 2022

MANUWAD AUR SAMVIDHAN.

मनुवाद और संविधान। 

ऐ भारत के आंबेडकर दवारा बनाए गए संविधान को बदलने के सपने लेने वाले  मनुवादियो,

तुम ब्राह्मण [बाहर मन]भारत में सिर्फ ३-४ % की गिनतीमें ही हो जिन की शह पर और ३० % क्षत्रीया  और वेश जोड़ सकते हो। 

अगर किसी गलत फेहमी में पड़ कर या मोदी के बहकावे में आ कर संविधान को नुक्सान पहुँचाने का सोच भी लिया,

तो भारत में जो तांडव होगा वह तुम लोगों से संभाला नहीं जाएगा और वह दिन हिंदुत्व के लिए आखिरी दिन होगा और तुम विदेशी डीएनए वाले लोगों को भारत छोड़ कर फिर जाना ही होग।   





































 

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