मन की बात।
मन की बात वोही जीव करता है,जिस का मन बहुत गन्दा हो,दूर दूर तक बू मारता हो और जिस के पास प्रेम करने वाली आत्मा ना हो,और दूसरों का दर्द ना मिटाता हो बल्कि बढ़ाता हो।
करे करावे आप आप,जनता के कुछ ना ही हाथ।
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