धम और धरम का अंतर
धम- बुध सोच [भारतीय मूलनिवासी सोच ] का आविष्कार है और धरम- हिन्दू [विदेशी आरियांज / ब्राह्मण] सोच का आविष्कार है। बुध जहां तक हो सके, हर विवस्था में अहिंसक हैं और हिन्दू प्रेम मई होते हुए और म्यूज़िक बजाते हुए भी, विवस्था के मुताबिक हिंसक भी हैं। बुध के धम में जियादा तर हथियारों के इस्तमाल का निषेद है और हिन्दू धरम में विवस्था के मुताबिक हथियारों का इस्तमाल किया जाता है। धम और धरम में सिर्फ,अहिंसक और हिंसक और र [हथियारों के इस्तमाल ] का ही अंतर है। यहाँ शिव के त्रिसगूल,विष्णु और हनुमान के गदा,और कृष्ण के सुदर्शन चक्कर का ही प्रतीक र है।
धरम और धम का अंतर।
आप ने बैंड बाजे में दो पीतल की उलटी प्लाटों को बजाते देखा है किया ? इस की आवाज शोर गुल मचाने वाली,धरम की होती है, लेकिन जब दोनों प्लेटें आपस में जुड़ती हैं तो धम की आवाज देती हैं। धरम धडम देके गिरता है और शोर गुल मचता है , और धम जुड़ कर शांति पैदा करता है।
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