बदल रहा है।
बदल रहा है वातावरण ,बदल रहा है इंसान का मन,
बदल रहे हैं विचार और हौसले ,बदल रहा है सारा चलन।
नहीं रहा है अब डर कोई ,इन झूठे ,वेह्शी,धोखेबाजों से ,
इन इंसान के दुश्मन जालिमों से इन षडआंतरकारी हैवानों से।
बढे चलो अपने सच्चे मकसद को अपने मन में ले कर ,
सफलता होगी हमारी यह घोषणा हो चुकी है एक्सिस्टेंस का आसरा ले कर।
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