शहीदेआजम भगत सिंह की रूह की आवाज़ ।
हम शहीद लोग आज भी नानक बानी के मुताबिक पवन गुरु,इस हवा के हिसे हैं, तुम सभ के शांतमई स्वासों में,इंक़लाबी विचारों में और सच्चे बोलों में बसते है।
ना समझना हमें कहीं गए गुजरे, हम आज भी अरविन्द केजरीवाल और भगवंत मान जैसे नव जवानों की शख्शियतों के जज्बे और हौसलों मैं विचरते और अपना काम करते रहते हैं।
उखाड़ डालो भारत के ही इन काले अंग्रेज़ों की जालिम और खुद गरज सरकारों को ,और बनादो मेरे देश को एक सामान,मान और शान से हँसता और खेलता हुआ इस दुनिया का एक अनोखा और चमकता हुआ देश।
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