जय हो कम्पन ।
हमारे शरीर की गियान इन्द्रियों की नसों [नर्वज] में कम्पन ही ॐ का प्रेम संगीत है, जीवन है,आनंद है , परम आनंद है और तुम्हारा भगवान् है और कम्पन का रुक जाना ही मरितु है ,इस अंतिम सच का प्रमाण मरितु के क्षण में हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा लगाए गए कार्डियोग्राम की कम्पन की रीडिंग्स से होता हैं।
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