धरम,गियान और विज्ञान।
जो भारत के हिन्दू/हिन्दुतवा धरम के ठेकेदार आरएसएस और बीजेपी वाले, हज़ारों सालों से,अपने मंदिरों में,टीवी चैनलों में और मंचों पर अपने वेदों ,उपनिषद के गियान और विज्ञानं का गुणगान गाते,बोलते और डिस्कशन करते नहीं थकते और इसके असली साइंटिफिक तरक देने वालों पर उग्रवाद के अटैक करते हैं, लेकिन यह ना समझ लोग, जिस तत्व को अपना शरीर,मन आत्मा और परम आत्मा बोलते रहते हैं ,उसी पृथ्वी जल और वायु के तत्वों को अपने गंदे कामों, ख्यालों और नफरत और जहर से भरे कम्युनल और आतंकवाद के करमों से गन्दा करते रहते हैं। वेस्ट के लोगों ने इसी विगियाँ [साइंस एंड टेक्नोलॉजी ]को समझ कर और अपना कर अपने देशों और अपने लोगों की जिंदगी में सैंकड़े साल पहले से काय कलाप कर दिया है और अब ख़ुशी और आनंद से रह रहे हैं।
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