पवन-आवाज़ ओशो [O2-CO2].
ओ सभ जीवों में बोलने वाली पवन-आवाज़, तू ही तो सभ का प्राण है और जान है और आत्मा और एटमॉस्फेयर - परम आत्मां है।
तू ही तो ब्लड सर्कुलेट करती है और अपने प्रेस्सर से, हमारे वेस्ट भोजन और पानी का नीचे के दवारों से निकास करती है ।
इसी लिए तो आपका नाम आंत मां पड़ा है ,तू ही तो सभ के शरीर की कमांडर है और सारे फ़ंक्शंज़ करने वाली है।
तू ही तो सभ की सवास है,दिल की धड़कन है,जिस के बगैर कुछ ही मिंट भी जीना मुश्किल है।
तेरे कारन ही हम सभ को सुनाई देता है,फ़ीलिंग्ज महसूस होती हैं और नींद और जागरण होता है।
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