मेरी सात रंगी दुनिया।
मेरी प्रकृति के सात रंगों वाली और सात मजहबों में बंटी दुनिया जिस का नाम जीवन है बहुत सूंदर और मन मोहक है। इन सभी रंगों और अलग अलग विचारों के मजहबों को एक साथ प्रेम करने और प्रेम से बाँध कर रखने का नाम ही मानव का सिर्फ एक ही बहुत सूंदर और मन मोहक गुल दस्ता है,जिस का नाम सिर्फ एक सच्चा धरम है। जैसा कि प्रकृति में होता है सभी रंगों वाले पत्ते, फूल, फल और सब्जियां एक ही जमीन से आती हैं,अलग अलग तासीर और अलग अलग स्वाद रखते हुए भी साथ साथ रहते हुए कोई नफरत का भाव नहीं रखते हैं और अपने अपने जीवन को बड़े सुख और आनंद से जीते हैं,लेकिन भारत की भूमि पर रह रहे कुछ ऐसे गैर वतन से आए लोग ऐसे सूंदर और मन मोहक गुल दस्ते को देखना भी नहीं चाहते और सिर्फ एक ही रंग के मुरीद हैं।
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