Tuesday, March 22, 2022

ASISTAV.

 असिस्तव। 

सूर्य से बरसते  सोने,हीरे जेवरात और मोती और इस धरती के आँगन को सजाते और चमकाते हुए अति सूंदर और  लबरेज़ शरीर को किया कहिये जिसको सभी तरह के जीवन देने वाली प्रकृति कहते हैं और प्रकृति के अनेक अधियात्मिक आश्कों जैसे बुले शाह,कबीर और नानक ने तो अपनी बानी जो कविताओं,श्लोकऔर शब्दों  के रूप में लिखी गई हैं,हमें  बहुत ही सच के नग्मे दान किये  हैं।  


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