डॉक्टर आंबेडकर और दलित्।
डॉक्टर आंबेडकर भारत में हज़ारों सालों से, ब्राह्मणवाद और मनुवाद दवारा, दबे कुचले दलित समाज को जागृत करने वाले और इन के शुभ उजाले वाले जीवन का सपना संजोने वाले एक बहुत बड़े क्रांतिकारी महान पुरष थे। लन्होंने इन दबे कुचले दलित समाज को सभ से पहले पढ़ लिख कर अपनी चेतना को उभारने का सदेश दिया था इस से यह लोग अपने भले बुरे जीवन के बारे में सोच विचार कर सकें और इस को सुधारने के आयाम खोज सकें। पर आज कल देखा जा रहा है की यह लोग बजाए कि अपने जीवन का सत्तर ऊपर उठाने के इन्होने ड। आंबेडकर की शिक्षाओं को इंक़लाबी अमली जामा पहनाने के डॉक्टर आंबेडकर को भी हिन्दुओं के धरम की तरह उनकी सिर्फ मूर्तियां ही बना कर उनको एक अवतार की तरह ही पूजना शुरू कर दिया है जो कि डॉक्टर आंबेडकर की शिक्षाओं से बिलकुल विपरीत है।
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