Tuesday, November 23, 2021

WHO AM I ?-----1 TO 4

 

IVINE EARTH - HEAVEN GARDEN [T



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DNER OF THE DIVINE EARTH - HEAVEN GARDEN [THE GOD].


में कौन हूँ ?---1
में मन का सागर हूँ ,लहराता हुआ अपनी मस्ती में,
मुझे रौशनी [चेतना ]देने वाला मेरा पर्भू और अट्मॉस्फेर बादलों के रूप में ,आकाशों में उड़ा ले जाता है ।
वहां मेरे को मेरे ब्राहम से मिला कर मध् होश,परम अनानन्द में मस्त कर देता है ,
वहाँ से चल कर में फिर हिमालिया की चोटियों पर ग्लेशियर रूप में सुन समाध में बैठ जाता हूँ।
मेरा चेतना रुपी पर्भू फिर मेरे को वहाँ से मुझे भावुक बना कर,मेल्ट करके नदिया का रूप दे देता है ,
और में फिर अपने पिया सागर को मिलने के सफर में लग जाता हूँ।
में कौन हूँ ?---2
में हिमाला के ग्लेसिएर्स से बहती हुई एक नदिया हूँ,
मुझे किसी भी नाम से पुकारो,मेरा पानी एक ही जैसा है।
मुझे मेरे जनम दाता मेरे सागर से मिलने की चाह है ,
इस लिए अपने जीवन सफर में निकल चुकी हूँ।
में कौन हूँ ?----3
में पानी के दराव,भाफ बारिश,आइस रूपों में बदलता रहता हूँ,
पर वास्तव में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों से मिल कर बना हूँ।
मेरे साथ और भी गैसेज जैसे नाइट्रोजन और कार्बन वगैरा रहते हैं ,
हम सभी गैसों से मिल कर, में अट्मॉस्फेर कहलाता हूँ, जो प्राणियों में स्वास[आत्मा] बन कर में प्राण का संचार करता रहता हूँ।
में कौन हूँ ----४
में पृथ्वी की और से तो मन पानी हूँ,पर ऊपर आकाशों से सूर्या की रौशनी से फोटोन हूँ,
इन फोटोन की वर्षा मेरे ब्रेन में रहते हुए मन -पानी के रिएक्शन से एलेक्ट्रोमग्नेटिज्म पैदा करती है जिससे सारे शरीरों में बिजली सप्लाई रखता हू।

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