जोश और होश की मैडिटेशन।
हमारे में मन दवारा, आगे बढ़ने,ऊंचाइयां छुहने,बहुत धन कमाने ,सभी इच्छाएं पूरी करने का और लड़ने का जज्बा और गर्मी/थर्मल,तमो गुनी , फोर्स भी है लेकिन अगर इस फोर्स को नियंतरत करने वाली,और रेगुलेट करने वाली,सतो गुनी ,आकाशीय फोर्स, अवेर्नेस नहीं है तो हम मन के तल पर इम्बैलेंस हो कर विक्षिपत भी हो सकते हैं और कई ला इलाज, मेन्टल/फिजिकल बीमारियों का कारन भी हो सकते हैं। इस लिए हमें अपने आप को संतुलित रखने के लिए नित मैडिटेशन का उपयोग करते रहना बहुत जरूरी है।
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