विगियान बानी ।
नो नोज [नो नक्] है गुरु [हवा] द्वार हमारा ,मुँह द्वार है भोजन और पानी का ,
नोज द्वार ही धियान का बिंदु है , बुध और कृष्ण के धियान योग का।
स्वास [हवा-ऑक्सीजन] ही हमारा प्राण है ,जो नीले खून को लाल करे,
हवा ही हमारे आत्मा/मन के चक्कर की माला/दिल का पंप है , हमारे खून को जो सर्क्युलेट करे।
हवा का ही वह प्रेससूर है जो हमारे भोजन को हज़म करे और फिर अंत में मल और मूतर का निकास करे,
हमारे इस शरीर यंत्र की मशीन का मालिक भी यह हवा [अट्मॉस्फेर ] वाहिर गुरु/परम आत्मा है जो हमारे शरीर के सारे कार्य करे।
No comments:
Post a Comment