ब्राह्मणवाद और बहुजन।
आज तक जो भी जात पात और अंध विश्वाशों का अँधेरा छाया हुआ है यह सिर्फ ब्राह्मणवाद के कारण है। माया वती ने ब्राह्मणों को बहुजन पार्टी में जगह दे कर इन को शूद्रों पर काबिज होने का मौका दे दिया है और बहुजन की ब्राह्मणवाद के विरुद्ध लड़ाई को कमजोर किया है। यह सिर्फ काला धन कमाने के लालच के लिए, सत्ता को हथियाने का एक रास्ता है ,यह बहुजन के हित में क्लास स्ट्रगल का सिद्धांत नहीं है।
No comments:
Post a Comment