मेरे तीन रूप।
मेरा शरीरी रूप तो रजो गुनी ,पृथ्वीरूप है ,मेरे अंदर का रूप अग्नि [मैग्मा] तमोगुणी रूप है, और मेरे ऊपर वाला बर्फीला रूप मेरा सतो गुनी रूप है।
No comments:
Post a Comment