धरम।
धरम को गियानी और प्रबुद्ध लोगों ने दुखी समाज की रक्षा और सेवा के लिए ही बनाया था,पर जैसा धरम आज देखने को मिलता है जो अपनी पोलिटिकल पावर्स और धन को हथियाने के लिए ही इस्तमाल किया जाता है,अगर इस मंतव्य को ही धरम कहा जाता है तो ऐसे धरम को लात मार देना ही अच्छा है।
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