हमको भगवान् ने बनाया पर,
भगवान् को किसने बनाया ?
इस पृथ्वी पर कितने जीव छोटे बेक्टेरिया और वायरस से ले कर हाथी और इंसान तक रहते हैं पर इंसान को छोड़ कर भगवान का परशान किसी ने नहीं उठाया। इस का कारण इंसान का मन है जो ऐसे बेतुके सवाल पैदा करता रहता है। आदमी या इस्त्री जैसा कोई भी भगवान कहीं नहीं है। सिर्फ ऐसा है कि जैसे हमारे मोबाइल,टीवी या कंप्यूटर में सर्किट होते हैं और इन सर्किट में अलग अलग तरह के पुर्जे जुड़ कर किरिया करते हैं ऐसे ही ब्रह्माण्ड में भी अलग अलग एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जेक्ट के पुर्जे मिल कर सर्किट बनाते हैं और ब्रह्माण्ड के सारे कार्य करते हैं। ऐसे ही पृथ्वी पर जीवन पैदा करने के लिए भी मेल और फीमेल बनाए हैं और जीवन को चालू रखने के लिए, पांच तातुवा पृथ्वी,पानी,ऑटोस्फेर,अग्नि [पृथ्वी के मध्यऔर सूर्य ] और आकाश [ईथर] से मिल कर सर्किट बनाया है जिस को तुम ईश्वर या भगवान कहते हो। जिस दिन इंसान की दृष्टि और सोच वैज्ञानिक बन जाएगी ऐसे बेतुके,धर्मों के बे समझी के सवाल उठने बंद हो जाएंगे। इस अवस्था का कारण सिर्फ विज्ञानं से अनपढ़ता ही है और कुछ नहीं जो कि भारत जैसे और भी देशों में, ब्राह्मणों,मूलों,और पादरियों के षड यंत्रों के कारण बनी हुई है। जब तुम विज्ञानं को जानोगे तो उसकी केमिस्ट्री, फिजिक्स और बायोलॉजी तो किया तो फिर सवयं सच्चे भगवान् को ही जान लोगे,यह मेरा दावा है।
बहुत सुंदर 🙏
ReplyDelete