मेरा भगवान्।
कोई है जो मेरे ही अंदर,मेरे शिखरों पर बैठ कर मेरे शरीर के पाऊं तक के हर सेल की खबर रखता है,
जो मेरी पातलियों में थोड़ी सी भी चुभन होने से तुरंत उस को हटाने की कोशिश करता है।
मेरी भूख,पियास,मेरे स्वास और मेरे मेरी हर ख़ुशी की परवाह करता रहता है,
मेरी तंदरुस्ती, मेरे आराम और मेरी ख़ुशी के लिए दिन रात तत्पर रहता है।
जैसे सारी सृष्टि में ब्रह्म ही है जो अपनी शक्ति से और अपने इनफार्मेशन सिस्टम से सव चलित है ,
ऐसे ही हमारा दिमाग हमारे शिखरों पर भी बैठ कर हमारे सारे शरीर के हर सेलज की खबर रखता है और इनको सवचालित और खुश रखता है।
ऐसे ही, देश की सभी संस्थाओं की मैनेजमेंट से और गवर्नमेंट से भी अपने देश के लोगों की, देश की प्रॉपर्टीज की देख भाल और रक्षा और इनकी ख़ुशी और इन की तंदरुस्ती का जुमा लेना भी समझा और माना जाता है।
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