Monday, September 20, 2021

BHARAT KI KAMJORI.

भारत की कमजोरी। 

भारत में पुराने और मूरख ब्राह्मण ऋषि मनु ने हमारे समाज का विभाजन हमारे शरीर के हिसाब से चार वर्णों  और अनेक जातियों में बाँट दिया,जिसके परिणाम स्वरुप हम हज़ारों सालों से आज तक गरीबी और अमीरी की उच्तम उंच नीच का दूश परिणाम भुगत रहे हैं। ऐसी घोर एक्सप्लोइटेशन की विवस्था बाकी समृद्ध देशों में देखने को नहीं मिलती है। इस विवस्था  के पैरोकार आरएसएस और बीजेपी अभी भी हिंदुत्व के नाम पर जिन्दा रखने की कोशिश कर रहे हैं। यह विवस्था थी, हमारे दिमाग का फंक्शन   सारा ब्राह्मणों के हवाले कर दिया, हमारे बाजुओं के बल का काम क्षत्रियों को दे दिया,पेट के सम्बन्ध का काम वैशों को दे दिया और टांगों और पैरों का  फंक्शन, अनस्किललेड़ लेबर का काम शूद्रों को सौंप दिया, जिन को सभ से निचला दर्जा दिया गया,जब कि टांगें और पैर ही हमारे शरीर की आधार शिला फाउंडेशन हैं जिन के कमजोर रहने से शरीर की इमारत ही नष्ट हो जाती है,जैसे कि अब हो ही रहा है। जिस ईमारत की फाउंडेशन मजबूत होती है वह ईमारत की लाइफ भी उतनी मजबूत होती है। चाहिए तो था कि शरीर का कुदरती फंक्शनल डिज़ाइन समझ कर सरकार को एक सवस्थ शरीर की तरह चलाया जाता पर इन ब्राह्मणों ने तो अपनी सुपरमेसी कायम करने के लिए समाजी विवस्था को ही नष्ट कर दिया। 


  



 

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