डीएनए ।
हरयाणा में राखी गाढ़ी के कंकालों के डीएनए से यह यूरेशिया से आए विदेशी आरएसएस और बीजेपी के ब्राह्मणों के डीएनए का वैज्ञानिक पता चल गया है है, जो कि उल्टा अपनी भारतीय शहरी होने के झूठे सबूत को छुपाने के लिए, आज यहां के मूल निवासी रहने वाले मूलनिवासियों का ही सबूत मांगने लगे हुए हैं । अगर कोई भारत से बाहर जाएगा यह यही आरएसएस और बीजेपी के ब्राह्मण हैं, जिन को पुराने ज़माने में राक्षश कहा करते थे,यह राक्षस ही अपने आप को ब्राह्मण बता कर भारत में आए थे, और फिर अपने झूठे ग्रन्थ मनुस्मिरीति वगैरा लिख कर यहां के मूलनिवासियों को गुम राह करने के लिए, मनु स्मिरीति वाला जालिमाना ब्राह्मण धरम चलाए थे ।
हरयाणा में राखी गाढ़ी के कंकालों के डीएनए से यह यूरेशिया से आए विदेशी आरएसएस और बीजेपी के ब्राह्मणों के डीएनए का वैज्ञानिक पता चल गया है है, जो कि उल्टा अपनी भारतीय शहरी होने के झूठे सबूत को छुपाने के लिए, आज यहां के मूल निवासी रहने वाले मूलनिवासियों का ही सबूत मांगने लगे हुए हैं । अगर कोई भारत से बाहर जाएगा यह यही आरएसएस और बीजेपी के ब्राह्मण हैं, जिन को पुराने ज़माने में राक्षश कहा करते थे,यह राक्षस ही अपने आप को ब्राह्मण बता कर भारत में आए थे, और फिर अपने झूठे ग्रन्थ मनुस्मिरीति वगैरा लिख कर यहां के मूलनिवासियों को गुम राह करने के लिए, मनु स्मिरीति वाला जालिमाना ब्राह्मण धरम चलाए थे ।
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